मल्टी-मोडल ट्रांसपोटर्स (एमटीओ) की शुरूआत के साथ पिछले कुछ सालों में अंतर्राष्ट्रीय फ्रेट फारवर्डिंग मार्केट में काफी बदलाव आया है.
और अब परिवहन प्रदाताओं जैसे फ्रेट फॉरवर्डर्स, शिपिंग एजेंट, पैकिंग और समेकित एजेंटों. क्लीयरिंग और फोर्वार्डिंग एजेंटों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, जो व्यापारिक कंपनियों को कई तरह की सेवाएं प्रदान करती है, जिनमें से कई विश्वव्यापी आधार पर काम कर रहे हैं.
इन उद्यमों में से कई ने खुद को एमटीओ में बदल दिया है और एमटीओ अधिनियम के दायरे के भीतर लाइसेंस लिया है. शिपिंग के महानिदेशक से लाइसेंस प्राप्त करने के लिए एमटीओ ऑपरेटर को अपनी सेवाओं का बीमा करना अनिवार्य है.
इफ्को टोक्यो पहली भारतीय बीमा कंपनी है जिसने आधुनिक फ्रेट फॉरवर्डर्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बीमा पालिसी तैयार की है. पालिसी भारत में माल सेवाओं के क्षेत्र की कंपनियों को जारी की जा सकती है. अब तक इस उद्योग की समुद्री देनदारी पर बीमा विदेश में रखा जा रहा था, क्योंकि बाजार में ऐसा कोई कवर उपलब्ध नहीं था.
पालिसी
यह पालिसी किसे कवर करती है?
किन संचालनों पर पालिसी लागू है:
नीति के अंतर्गत कवरेज
पॉलिसी इनसे उत्पन्न होने वाली कानूनी देयताओं को कवर करती है: